आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना और तनाव जैसी आदतें कमर दर्द की बड़ी वजह बन गई हैं। पहले जो समस्या बढ़ती उम्र में देखने को मिलती थी, आज वही युवाओं को भी परेशान कर रही है। अगर समय रहते अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव न किए जाएँ, तो यह दर्द रोज़मर्रा के कामों और जीवन पर असर डाल सकता है। इसलिए कमर दर्द को नज़रअंदाज़ करने के बजाय इसकी वजह समझना और सही समय पर उचित कदम उठाना बेहद ज़रूरी है। ऐसी ही कहानी है
ग्रेटर नोएडा के रहने वाले अजित जी की जिनके लिए कमर दर्द एक बड़ी परेशानी बन गया पर उन्होंने हार नहीं मानी और हकीम जी की यूनानी बूटी को अपनाया जिसके बाद उनकी पूरी जिंदगी ही बदल गई। आइये जानते हैं उनकी पूरी कहानी के बार में कि आखिर उन्हें कमर दर्द में आराम कैसे मिला?
अजित सिंह जी जो पेशे से एक टीचर हैं और ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध नगर के रोनीजा इलाके में रहते हैं। उनकी उम्र 60 साल से ऊपर है। अजित जी स्वभाव से काफी खुशमिजाज इंसान हैं, जो हमेशा दूसरों के चेहरे पर मुस्कान देखना पसंद करते हैं। लेकिन वक्त का पहिया कब बदल जाए, यह कोई नहीं जानता। अजित जी की ज़िंदगी में भी अचानक एक ऐसा दौर आया जिसने उनकी खुशियों और उनके पूरे रूटीन को बदल कर रख दिया। बच्चों को पढ़ाना अजित जी के लिए सिर्फ एक नौकरी या पेशा नहीं था, बल्कि उनका एक बड़ा जुनून था। वह हर दिन स्कूल जाते थे। उनका जीवन बहुत ही बेहतरीन ढंग से चल रहा था, लेकिन अचानक स्लिप डिस्क यानी कमर की तकलीफ ने उनकी पूरी ज़िंदगी को एक अलग मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। शुरुआत में जब उन्हें पीठ में तकलीफ महसूस हुई, तो कमर दर्द काफी हल्का था। इसी वजह से उन्होंने इसे नॉर्मल थकान या नॉर्मल पैन समझकर नजरअंदाज कर दिया। उन्हें पूरा भरोसा था कि कुछ दिनों के आराम से यह अपने आप सही हो जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। धीरे-धीरे यह दर्द बढ़ने लगा और रोज़मर्रा के कामों में रुकावट बनने लगा।
समय बीतने के साथ-साथ यह तकलीफ इतनी ज़्यादा बढ़ गई कि अजित जी का बिस्तर से उठना-बैठना और घर में चलना-फिरना भी बेहद मुश्किल हो गया। हालत यहाँ तक पहुँच गई कि उन्हें खुद से शौचालय जाने के लिए भी सहारे जी जरूरत पड़ती थी! जो व्यक्ति कल तक क्लास में खड़े होकर कई बच्चों का भविष्य बना रहा था और उन्हें आगे बढ़ने की राह दिखा रहा था, आज वह खुद अपने ही शरीर की लाचारी से परेशान रहने लगा था।
दर्द के असहनीय होने की वजह से आखिरकार उन्हें स्कूल जाना बंद करना पड़ा। उन्होंने शारीरिक रूप से काफी मुश्किल समय देखा, लेकिन इस पूरे दौर में उन्होंने अपनी हिम्मत को टूटने नहीं दिया। वह हमेशा इस उम्मीद में जीते रहे कि इस मुश्किल वक्त से उन्हें कभी न कभी राहत ज़रूर मिलेगी… और आखिरकार उनके जीवन में वो बदलाव आया भी। लेकिन उससे पहले हम यह जानते हैं कि इस पूरे सफर में उन्हें किन-किन समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
कौन-सी समस्याएं बनी थीं अजित जी की मुश्किल?
- बिना सहारे सीधे बैठने या बेड से उठने में तकलीफ।
- पैरों पर खड़े होने और चलने में काफी मुश्किल होती थी।
- रीढ़ की हड्डी में लगातार तेज दर्द रहने लगा।
कई कोशिशों के बाद भी नहीं मिला आराम…आखिर क्यों?
आपको बता दें कि उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया और अलग-अलग दवाइयां खाई लेकिन उन्हें कोई खास राहत नहीं मिली। डॉक्टरो ने तो उन्हें कमर का ऑपरेशन तक के लिए भी बोल दिया लेकिन वो इतना खर्च उठा नहीं पाते इसलिए उनकी हिम्मत ने जवाब दे दिया और अजित जी ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं थे। पर कहते है न जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है ऐसा ही उनके साथ भी था उनकी ज़िंदगी तब बदली जब उन्होंने यूनानी के मशहूर हकीम जी की बूटी को अपनाया तो चलिए जानते है की कौन सी उम्मीद उनके हाथ लगी!
हकीम सुलेमान खान साहब से जुड़ने के बाद मिली नयी उम्मीद की किरण!
आपको बता दें ऐसे ही एक दिन अजित जी टीवी देख रहे थे तभी उनकी नजर हकीम सुलेमान खान साहब जी के बहुचर्चित शो सेहत और जिंदगी पर पड़ी। वहां लोग अपने अनुभव साझा कर रहे थे और बता रहे थे कि उन्हें यूनानी बूटी से कितना फायदा मिला है। जब उन्होंने ये देखा की कई लोगों की परेशानियों में राहत मिली है उन्हें भी लगा की क्यों न वो भी हकीम जी की यूनानी बूटी को एक बार इस्तेमाल करें क्या पता उन्हें इस बूटी से काफी आराम मिल जायें। जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए टीवी पर आ रहे नंबर पर कॉल किया और हकीम जी की टीम से बात करी और उन्होंने टीम को सारी बात बताई सारी बात सुनने के बाद उन्होंने अजित जी को गोंद सियाह लेने की सलाह दी। जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए ATIYA HERBS की ऑफिशियल वेबसाइट से इसे ऑर्डर किया और नियमित रूप से इसका सेवन शुरू कर दिया। और बहुत जल्द उन्हें काफी हद तक आराम मिलने लगा। चलिए जानते हैं कि आख़िर किन-किन समस्याओं से उन्हें राहत मिली।
धीरे-धीरे मिलने लगा कमर दर्द में आराम कैसे जानें यहाँ?
- कमर की लगातार रहने वाली पुरानी तकलीफ में राहत मिली।
- बिना किसी सहारे के खुद पैरों पर चलना आसान हो गया।
- बिना दर्द के सीधे बैठने और खड़े होने में सुधार हुआ।
यूनानी बूटी से मिली राहत, चेहरे पर लौटी खुशी।
आज मास्टर अजित सिंह जी पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। उनका आत्मविश्वास वापस आ गया है और वह धीरे-धीरे अपनी नॉर्मल जिंदगी जी रहे है वो पहले की तरह चल फिर लेते है! उनका कहना है कि अब उन्हें पहले जैसा कमर दर्द महसूस नहीं होता और वह पहले से ज्यादा आराम महसूस कर रहे हैं। उनका परिवार भी इस बदलाव से काफी खुश है। आपको ये भी बता दें आज वो हकीम जी और उनकी टीम को तहे दिल से शुक्रियादा करते है। वह यही चाहते हैं कि हकीम जी इसी तरह लोगों की मदद करते रहें। ताकि जैसे उन्हें राहत मिली है वैसे ही और लोगों को भी राहत मिल सकें। इसके लिए वह लोगों को उनकी परेशानी के लिए हकीम जी के घरेलू नुस्खे भी अपनाने की सलाह देते हैं।
गोंद सियाह क्या है ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रखता है।
असली गोंद सियाह मंगाने के दिए गए नंबर पर संपर्क करें।
011 6120 5392
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5
