बढ़ती उम्र और भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में स्वस्थ रहना कितना मुश्किल होता है ये तो आप सभी जानते है। बुढ़ापे में कोई समस्या आपको घेर ना ले ऐसा बेहद ही कम देखा गया। ज्यादात्तर लोगों में कमर दर्द की शिकायत ज्यादा पाई गई है। जिस समस्या में इंसान का चलना, उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही एक महिला है जिन्हें कमर दर्द की परेशानी रहती थी। कमर दर्द जिसमे इंसान झुक नहीं पाता है सही से खड़ा होकर कोई भी घर का या बाहर का काम नहीं कर पाता है यहां तक कि लेटने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आज हम ऐसे ही महिला की सच्ची कहानी बताएंगे जो कमर दर्द की समस्या से बेहद दुखी हो चुकी थी।

उनका नाम है जैस्मिन दुतिया जी। जिन्होंने अपने कमर दर्द की समस्या में यूनानी बूटी को अपनाकर दर्द को कम किया। उनके लिए एक समय शारीरिक रूप से अस्वस्थ होना आसान नहीं था। उन्हें घर के कई काम करने में भी तकलीफ होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है उन्हें यूनानी के बारे में पता चला और उनका जीवन ही बदल गया। लेकिन कैसे उन्होंने अपनी समस्या में आराम पाया और कौन-सी बूटी के इस्तेमाल से उनका जीवन बदला आइये जानते है?
78 वर्षीय जैस्मिन दुतिया जी जो कोलकाता के न्यू अलीपुर के रॉय बहादुर रोड के पास स्नेहा गार्डन सोसाइटी में रहती हैं। जो हाउसफाइव है, वह अपने घर के सारे काम खुद से कर लेती हैं चाहे फिर खाना बनाना हो, बर्तन धुलना हो, झाड़ू-पोंछा करना हो, मार्केट से सब्जियां लानी हो या फिर आधा घंटे तक एक जगह बैठकर पूजा करनी हो। लेकिन एक समय उनके जीवन में ऐसा आया कि वह घर की जिम्मेदारियों से दूर हो गई। उन्हें कमर दर्द की समस्या ने घेर लिया। लगभग एक साल पहले की बात है एक दिन जब वह सोकर उठीं तो उन्हें अचानक ही कमर में दर्द होने लग गया था जो दर्द धीरे-धीरे बढ़ता चला गया था। पहले जो काम वह आसानी से कर पा रही थी अब वो सारे काम उनके लिए मुश्किल हो गए थे, न तो वह खाना बना पा रही थी और न ही बाजार जा पा रही थी। उनकी पूरी दिनचर्या बिगड़ गई थी।
जैस्मिन दुतिया जी ने बताया कि उन्हें कमर दर्द की समस्या चोट लगने की वजह से हुई, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि ये चोट का दर्द इतना बढ़ सकता है कि उन्हें सहारे की ज़रूरत पड़ेगी। जैस्मिन जी जब एक दिन, सुबह के समय उठी, तो अचानक उन्हें शरीर में तेज़ दर्द का अहसास हुआ। दर्द इतना ज़्यादा था कि वह उठ भी नहीं पा रही थीं। उन्होंने पहले तो सोचा कि सामान्य दर्द होगा,लेकिन यह दर्द वही चोट लगने की वजह से हुआ। इसके बाद उन्होंने सोचा कि इस दर्द से उन्हें अपने आप आराम मिल जाएगा, लेकिन यह दर्द लगातार बढ़ता ही चला गया। अचानक हुए कमर दर्द की वजह से वह बहुत परेशान हो गईं थीं। उनके सारे काम और दिनचर्या प्रभावित होने लगी थी। कई तरह के तेल से मालिश करने के बाद भी जब उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ, तो उन्हें लगने लगा था कि ये बुढ़ापे का दर्द है इसमें राहत मिलना मुश्किल है। इस तरह वह कमर के असहनीय दर्द में जिंदगी काटने के लिए मजबूर हो गई थीं, लेकिन फिर उन्हें एक रास्ता मिला जिससे उनका जीवन ही बदल गया और उनकी सेहत तंदुरूस्त हो गई क्योंकि वो कहते हैं न अगर किसी के जीवन में दुख है तो सुख भी ज़रूर आते है। शायद जैस्मिन जी का भी सही समय आ गया था। इसलिए उन्होंने अपना रूझान यूनानी की तरफ बढ़ाया और जीवन को खुशहाल बनाया।
एक दिन जब जैस्मीन दुतिया रोजाना की तरह अपना मोबाइल चला रही थी कि उनकी नज़र मशहूर हकीम सुलेमान खान साहब के चर्चित शो सेहत और जिंदगी के एक वीडियो पर पड़ी। इस वीडियो में एक महिला की कहानी थी जो कई सालों से घुटनों के दर्द से परेशान थी। कई अस्पतलों को दिखाने के बाद भी उस महिला को घुटनों के दर्द में राहत नहीं मिल रही थी, लेकिन जब वह महिला यूनानी के मशहूर हकीम साहब से जुड़ी और उनकी बताई हुई जोड़ों के दर्द की सबसे कारगर बूटी गोंद सियाह का सेवन किया तो उन्हें घुटनों के दर्द से आराम मिला। उसी महिला की कहानी देखने और सुनने के बाद जैस्मिन जी को सही होने की उम्मीद जागी। फिर उन्होंने स्क्रीन पर दिखाए गए नंबर पर कॉल करके हकीम जी से संपर्क किया और कमर दर्द की समस्या के बारे में बताया। हकीम साहब ने जैस्मीन जी को गोंद सियाह खाने की सलाह दी। जिसके बाद उन्होंने बिना किसी देरी के ATIYA HERBS की वेबसाइट से यूनानी बूटी गोंदि सियाह और S. CARE कैप्सूल को मंगा लिए फिर क्या था इसके बाद जैस्मिन जी ने हकीम साहब द्वारा बताए गए निर्देशों के अनुसार रोजाना सुबह-शाम बूटी का सेवन करना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्हें कमर के असहनीय दर्द कहीं ना कहीं आराम होता दिखाई देने लगा। उन्हें महसूस होने लगा की परेशानी कम हो रही है। जब उन्हें फायदा दिखने लगा तो वह हकीम साहब का प्रोग्राम रोजाना देखने लगी और हकीम साहब के घरेलू नुस्खों को अपने जीवन में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जिससे उनका कमर दर्द में तो आराम मिला साथ ही, वह पहले से ज्यादा खुद को सहेतमंद महसूस करने लगी।
आज जैस्मिन जी हर उस महिला के लिए प्रेरणा बन चुकी है जिन्हें उन्हीं की तरह कमर दर्द की परेशानी रहती है। इतना ही नहीं, जैस्मिन जी उनके लिए भी प्रेरणा हैं जो बुढ़ापा आने से पहले ही जोड़ों के दर्द की समस्या की वजह से बूढ़े लोगों की तरह जिंदगी जी रहे हैं। जैस्मीन जी ये हकीम साहब के लिए यह भी कहती है कि जो काम हकीम साहब कर रहे है उसके लिए बड़ा दिल होना चाहिए। जैसे उन्होंने मेरी मदद की है वैसे ही सभी की मदद करें और स्वस्थ रहे। अब जैस्मिन जी कमर दर्द में राहत पाने के बाद कहती हैं कि 78 की उम्र उनके लिए महज एक नंबर हैं। वह हर महिला को सलाह देती हैं कि “अगर कोई महिला किसी भी तरह के दर्द से परेशान रहती है तो उसे हकीम सुलेमान खान साहब के यूनानी नुस्खे ज़रूर अपनाने चाहिए। आज उनकी सभी परेशानी कम होने का सारा श्रेय वह हकीम साहब को देती है और उनका तह दिल से शुक्रिया भी करती है।
गोंद सियाह क्या है ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोंद सियाह कैसे मिलता है और यह देखने में कैसा होता है। यह पौधा तिन्दुक कुल एबीनेसी का सदस्या है। इसके कालस्कंध (संस्कृत) ग्राम, तेंदू। यह समस्त भारतवर्ष में पाया जाता है। यह एक मध्यप्राण का वृक्ष है जो अनेक शाखाओं प्रशाखाओं से युक्त होता है। गोंद सियाह, पेड़ के तने को चीरा लगाने पर जो तरल पदार्थ निकलता है वह सूखने पर काला और ठोस हो जाता है उसे गोंदिया कहते हैं, गोंद सियाह देखने में काले रंग का होता है। यह बहुत ही पौष्टिक होता है उसमें उस पेड़ के औषधीय गुण पाये जाते हैं। गोंद सियाह हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है जो हमारे जोड़ों के दर्द के साथ शरीर की कई बीमारियों को हम से दूर रख सकता है।
असली गोंद सियाह मंगाने के दिए गए नंबर पर संपर्क करें।
011 6120 5392
- Clinic – The Herbals – Atiya Healthcare
- Address – 21B/6, Basement Near Liberty Cinema, New Rohtak Road, Karol Bagh, New Delhi-5
